भारतीय : क्रिकेट में विराट कोहली के टेस्ट संन्यास को लेकर नई बहस छिड़ गई है। पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने संजय मांजरेकर के दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि कोहली ने ‘कठिन फॉर्मेट’ छोड़कर ‘आसान फॉर्मेट’ वनडे चुना। तिवारी का मानना है कि कोहली को टेस्ट टीम छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

“मजबूर किया गया था”—तिवारी की सफाई

तिवारी ने कहा, “मैं मांजरेकर से सहमत नहीं हूँ। ऐसा माहौल बनाया गया कि उन्हें टेस्ट को अलविदा कहना पड़ा। फैसला भले ही उनके मुंह से निकला, लेकिन पर्दे के पीछे जो हुआ, उसे सब जानते हैं। यह कहना कि उन्होंने सिर्फ रनों के लिए टेस्ट छोड़ा, सही नहीं है।”

वनडे में विराट का जलवा

जहां टेस्ट संन्यास पर विवाद जारी है, वहीं कोहली ने वनडे में अपने बल्ले से जवाब दिया। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई सीरीज में उन्होंने 108 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली। 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने भारतीय टीम को संभाले रखा। उनकी शानदार कवर ड्राइव और पुल शॉट्स के मिश्रण ने फिर साबित किया कि उनका क्लास आज भी बरकरार है।

कोहली के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। इससे स्पष्ट होता है कि कोहली की बल्लेबाजी अभी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!