

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी सफलता सामने आई है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्र में एंटी पोचिंग टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है।
जलप्रपात में जहर डालकर मछली शिकार: इकोसिस्टम को बड़ा खतरा
वन विभाग के अनुसार आरोपी गोडेना जलप्रपात क्षेत्र में पानी में जहरीले पत्ते मिलाकर मछलियां पकड़ रहे थे। यह तरीका न सिर्फ मछलियों के लिए घातक है, बल्कि पूरे जलीय तंत्र और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
मौके पर दबिश: रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
उप निदेशक वरुण जैन के निर्देश पर एंटी पोचिंग टीम ने छापेमारी की और तीनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओड़िशा के चमरू, लखीराम और संजय के रूप में हुई है।
वन्यजीव कानून का उल्लंघन: सख्त कार्रवाई के संकेत
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां वन्यजीव संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन हैं। पानी में जहरीले तत्व मिलाना पूरे पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ सकता है, इसलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी: नेटवर्क की तलाश में जुटा वन विभाग
फिलहाल आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध शिकार में और कौन लोग शामिल हैं।
संदेश साफ: जंगल और जीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि वन विभाग अब अवैध शिकार और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ काम कर रहा है।
































