भोपाल: स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीसएफ) मध्यप्रदेश की शिवपुरी क्षेत्रीय इकाई द्वारा वन्यजीव अपराध के गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपी उत्तमनगर पश्चिम, नई दिल्ली निवासी वसीम अकरम की प्रथम नियमित जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय, शिवपुरी ने निरस्त कर दी है। आरोपी की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय, शिवपुरी में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। एसटीसएफ की शिवपुरी इकाई एवं अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपी द्वारा दुष्प्रेरण कर योजनाबद्ध तरीके से वन्यप्राणी अधिनियम की अनुसूची-1 में संरक्षित वन्यजीव तेंदुए का शिकार करवाया गया है।

प्रकरण की गंभीरता, अपराध की प्रकृति, आरोपी के विरुद्ध पाए गए डिजिटल साक्ष्यों तथा विवेचना जारी रहने के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय, शिवपुरी ने धारा 483 बीएनएसएस के तहत प्रस्तुत जमानत याचिका निरस्त कर दी। इससे पूर्व भी 31 जुलाई 2026 के प्रकरण में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शिवपुरी द्वारा अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी की जमानत याचिका निरस्त की गई थी। दोनों प्रकरणों में अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसटीएसएफ भोपाल और शिवपुरी इकाई, वन्यप्राणी वनमंडल कूनो और वन मंडल श्योपुर की संयुक्त टीम ने 30 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों की निशानदेही पर वन्यजीव तेंदुए की 42 हड्डियां जब्त की थीं। इस संबंध में वन दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना में सामने आया कि आरोपी वसीम अकरम ने वन्यप्राणी वनमंडल कूनो एवं सामान्य वन मंडल श्योपुर के आसपास के ग्रामीणों को दुष्प्रेरित कर 8 तेंदुओं का शिकार करवाया। आरोपी को 12 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

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