

अंबिकापुर: सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग किशोरियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आई है। घटना के बाद पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई और मेडिकल परीक्षण में भी देरी हुई।
जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल की रात चार नाबालिग सहेलियां एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए शाम करीब 7 बजे घर से निकली थीं। रात करीब 10 बजे लौटते समय हाईस्कूल के पास 5-6 बाइकों में सवार 10-12 युवकों ने उन्हें घेर लिया। युवकों को देखकर एक किशोरी मौके से भाग निकली, जबकि तीन को आरोपियों ने पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि एक नाबालिग को आरोपी जबरन बाइक में बैठाकर दूर खेत में ले गए, जहां चार युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वहीं दूसरी किशोरी के साथ हाईस्कूल मैदान के पास ही तीन युवकों ने दुष्कर्म किया। दोनों पीड़िताओं की उम्र 15 वर्ष से कम बताई जा रही है।तीसरी किशोरी को भी आरोपी जबरन ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उसने सूझबूझ दिखाते हुए बाइक के पीछे बैठने की बात कही और रास्ते में मौका पाकर कूदकर भाग निकली। आरोपियों ने उसका करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन वह खेतों के रास्ते सुरक्षित निकलने में सफल रही।
घटना के बाद पीड़िताएं देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच किसी तरह घर पहुंचीं। भय के कारण उन्होंने तुरंत घटना की जानकारी नहीं दी। 25 अप्रैल की शाम को एक पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
एक नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने 26 अप्रैल को प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) और पोक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(जी) व 6 के तहत एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, दूसरे पीड़िता के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

































