

नई दिल्ली : चुनावी व्यवस्था को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के तीसरे चरण की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
दिल्ली समेत 19 राज्यों में चलेगा गहन पुनरीक्षण अभियान
इस चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा सहित कुल 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची को अपडेट करने का काम बड़े पैमाने पर किया जाएगा।
36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर सत्यापन, लाखों अधिकारी मैदान में
चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO तैनात रहेंगे, जो घर-घर जाकर डेटा की जांच करेंगे और आवश्यक अपडेट दर्ज करेंगे।
अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को होगी जारी
दिल्ली समेत कई राज्यों में इस प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटि रहित बनाने के लिए चलाया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत हो सके।
पहले चरणों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए
इससे पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया था, जिनमें लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे। इन चरणों में बड़े पैमाने पर नामों की जांच के बाद कई राज्यों में लाखों नाम हटाए गए।
बिहार में करीब 47 लाख, उत्तर प्रदेश में लगभग 2.04 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 83.86 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त की अपील, प्रक्रिया में भागीदारी जरूरी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस SIR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने एन्यूमरेशन फॉर्म समय पर जमा करें। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाना है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत हो सके।





















