

कोल्हापुर : आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार की सख्त नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध घुसपैठ के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, इसलिए अवैध रूप से आने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
'घुसपैठियों को वोट बैंक बनाने की कोशिश हो रही'
अपने संबोधन में अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी मानसिकता का विरोध करती है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
सीमा और आंतरिक सुरक्षा को बताया सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसी दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
उद्धव ठाकरे और विपक्ष पर भी किया राजनीतिक हमला
अमित शाह ने अपने भाषण में महाराष्ट्र की राजनीति का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी नीतियों का समर्थन करते हैं, जो देशहित के अनुकूल नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल का किया जिक्र, भाजपा के लिए बताया बड़ी जिम्मेदारी
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता का भाजपा पर बढ़ता भरोसा पार्टी के लिए जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भाजपा की प्राथमिकता है।
शिवसेना को लेकर भी दिया बड़ा बयान
महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए अमित शाह ने कहा कि अब राज्य की राजनीति में नई स्थिति बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को अब असली शिवसेना के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक संघर्ष अभी भी जारी है और इसे लेकर लगातार बयानबाजी का दौर चल रहा है।





















