पानीपत। पानीपत जिला न्यायालय परिसर में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर वकीलों का सब्र अब जवाब दे गया है। नेटवर्क बाधित रहने से रोजमर्रा के न्यायिक कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं ने टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को भी पक्षकार बनाया गया है, जिसमें रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी के नाम शामिल हैं।
याचिका में अधिवक्ताओं ने बताया कि पानीपत जिला कोर्ट परिसर में जियो का मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है या कई बार पूरी तरह गायब रहता है। इस कारण उन्हें अपने मुवक्किलों, अन्य वकीलों और संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर खुले मैदान या सड़क तक जाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि न्यायिक कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। वकीलों का कहना है कि आधुनिक समय में मोबाइल संचार न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है और नेटवर्क की अनुपलब्धता पेशेवर कार्य में बड़ी बाधा है।
अधिवक्ताओं ने याचिका में यह भी उल्लेख किया कि कई बार जरूरी कॉल या संदेश समय पर नहीं मिल पाने के कारण मामलों की तैयारी, तारीखों की जानकारी और आपात परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में परेशानी होती है। इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
लोक अदालत ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए इसे विचार योग्य माना और सभी संबंधित पक्षों को समन जारी कर दिए हैं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी निर्धारित की है। अदालत ने जियो प्रबंधन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कोर्ट परिसर में नेटवर्क समस्या क्यों बनी हुई है और इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।

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