जागरूकता और सतर्कता ही मलेरिया एवं डेंगू पर सबसे बड़ा बचाव,

लक्षण दिखने पर नजदीकी अस्पताल पहुंच कराएं उपचार

बलरामपुर। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले में लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में वर्षा ऋतु के दौरान मलेरिया एवं डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए  प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।ताकि प्रत्येक नागरिक मलेरिया एवं डेंगू के प्रति जागरूक हो सके और लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में समय पर उपचार करा सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि मलेरिया एवं डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों को पनपने से रोकना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि घरों, आंगनों और आसपास कहीं भी वर्षा का पानी जमा न होने दें। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर, नारियल के खोल तथा अन्य पानी रखने वाले पात्रों की नियमित सफाई करें और सप्ताह में कम से कम एक बार उनका पानी अवश्य बदलें।

उन्होंने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि डेंगू एडीज़ मच्छर के कारण होता है। एडीज़ मच्छर प्रायः दिन के समय काटता है, इसलिए दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी क्रीम या अन्य सुरक्षित उपायों का उपयोग करना आवश्यक है।

सीएमएचओ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते अथवा प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार लें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, पड़ोस तथा समाज के अन्य लोगों को भी मलेरिया एवं डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें। तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक बलरामपुर के निर्माण में सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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