
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जमीन बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। तपकरा थाना क्षेत्र के ग्राम जामबहार के चिटकाटोली में 24 अक्टूबर की रात कुल्हाड़ी से वार कर 30 वर्षीय संतोष प्रधान की हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने मृतक के फूफा मनबोध मांझी (60 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी जब्त की है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जमीन बंटवारे को लेकर लंबे समय से था विवाद
पुलिस के अनुसार, मृतक संतोष प्रधान की पत्नी सुमित्रा प्रधान ने तपकरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 अक्टूबर की शाम संतोष बाजार से घर लौटा था। इसके बाद उसने अपने दादा से बातचीत के दौरान फूफा मनबोध के घर जाने की बात कही और रात करीब 8 बजे घर से निकल गया।
बताया गया कि मनबोध मांझी मृतक के घर के पास ही रहता था। जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना की रात मनबोध के घर की ओर से लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज की आवाज सुनकर संतोष की पत्नी वहां पहुंची। उसने घर के आंगन में अपने पति को मृत अवस्था में पड़ा देखा। संतोष के सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किए जाने के गंभीर निशान थे। घटनास्थल पर खून फैला हुआ था, जबकि आरोपी पास में कुल्हाड़ी रखकर बैठा था।
पूछताछ में जमीन विवाद की बात आई सामने
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद संदेह के आधार पर मनबोध मांझी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वह करीब 20 वर्षों से अपने ससुराल ग्राम जामबहार में घर जमाई के रूप में रह रहा था। जमीन के बंटवारे को लेकर संतोष प्रधान के साथ उसका अक्सर विवाद होता था।
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात संतोष उसके घर पहुंचा और जमीन को लेकर गाली-गलौज करने लगा। इसी दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखी कुल्हाड़ी से संतोष के सिर और गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या का मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना तपकरा में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) में हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा, रिझन भगत, आरक्षक महेंद्र पैंकरा, पुनीत साय, अरविंद साय और नगर सैनिक रवि गुप्ता की भूमिका रही।




















