
जबलपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय जबलपुर प्रवास के दौरान पहले दिन भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से आए 3,185 युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया। शिविर में करीब 500 प्रबंधक भी विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस आयोजन में 16 से 32 वर्ष आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लेकर अनुशासन, एकरूपता और सामूहिकता का प्रदर्शन किया। संघ के इस एकत्रीकरण को युवाओं में संगठनात्मक क्षमता, शारीरिक दक्षता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुआ पथ संचलन
पथ संचलन की शुरुआत श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से हुई। स्वयंसेवक निर्धारित मार्ग से होते हुए केशरवानी कॉलेज पहुंचे, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने एक समान कदमताल और अनुशासित तरीके से भागीदारी निभाई।
सामूहिक रूप से आगे बढ़ते स्वयंसेवकों की एकरूपता और तालमेल ने आयोजन को खास बनाया। इस दौरान संगठनात्मक अनुशासन और शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन देखने को मिला।
समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के लिए बनाए गए 20 मंच
पथ संचलन को देखने के लिए जबलपुर महानगर के विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक वर्गों से जुड़े प्रमुख नागरिकों को आमंत्रित किया गया था। इसमें जाति-बिरादरी, अलग-अलग भाषाई समुदायों और कृषक वर्ग सहित समाज की 20 श्रेणियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
संचलन मार्ग पर कुल 20 मंच तैयार किए गए थे। इन मंचों से आमंत्रित अतिथियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम का अवलोकन किया।
पथ संचलन देखने उमड़े नागरिक
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। कई लोगों ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित पथ संचलन देखा। स्वयंसेवकों की कदमताल, अनुशासन और सामूहिक भागीदारी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आयोजन में युवाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी और विभिन्न जिलों से आए स्वयंसेवकों की सहभागिता प्रमुख आकर्षण रही।
25 अक्टूबर को युवा स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे डॉ. मोहन भागवत
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 25 अक्टूबर को शिविर में शामिल होंगे। इस दौरान वे दो अलग-अलग सत्रों में युवा स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगे।
शिविर का समापन भी 25 अक्टूबर को शाम के समय प्रात्यक्षिक कार्यक्रम के बाद निर्धारित है। इसमें विभिन्न जिलों से आए स्वयंसेवकों की सहभागिता रहेगी।
युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत करने पर जोर
महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से आए हजारों युवाओं का यह एकत्रीकरण संगठनात्मक क्षमता, शारीरिक प्रशिक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन है। जबलपुर में आयोजित पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, समर्पण और एकजुटता का परिचय दिया। अब सभी की निगाहें 25 अक्टूबर को होने वाले शिविर के समापन कार्यक्रम और डॉ. मोहन भागवत के मार्गदर्शन पर टिकी हैं।




















