
नई दिल्ली: E20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल की मौजूदगी को लेकर वाहन मालिकों के बीच कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। लोगों को चिंता है कि इससे गाड़ी का माइलेज घट सकता है और लंबे समय में इंजन की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ सकता है। इन आशंकाओं के बीच कई पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की मांग बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों का मानना है कि यह बदलाव अभी सीमित है और सभी क्षेत्रों में एक जैसा रुझान देखने को नहीं मिल रहा है।
कुछ पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में तेजी
पेट्रोलियम कारोबार से जुड़े डीलरों और उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि मार्च में जहां कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 4 फीसदी थी, वहीं अब कुछ आउटलेट्स पर यह बढ़कर 12 से 15 फीसदी तक पहुंच गई है। कुछ स्थानों पर यह आंकड़ा 20 फीसदी के स्तर तक भी दर्ज किया गया है।
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल के अनुसार, कुछ पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम ईंधन की बिक्री चार से पांच गुना तक बढ़ी है। उनके मुताबिक, वाहन चालक अधिक ऑक्टेन रेटिंग वाले पेट्रोल को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे इंजन की कार्यक्षमता बनी रहेगी और माइलेज में होने वाली संभावित कमी का असर घट सकता है।
हालांकि, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी HPCL के अधिकारियों का कहना है कि प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में वृद्धि अभी बहुत सीमित है। उनके अनुसार, इस तरह का रुझान हर बाजार और क्षेत्र में देखने को नहीं मिल रहा है।
सामान्य और प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में कितना अंतर
E20 पेट्रोल को लेकर बनी आशंकाओं के बीच वाहन चालक अधिक कीमत चुकाकर प्रीमियम ईंधन खरीद रहे हैं। बाजार में इंडियन ऑयल का XP95, भारत पेट्रोलियम का SPEED और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का poWer95 जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
दी गई जानकारी के मुताबिक, इन प्रीमियम ईंधनों की कीमत करीब 109 से 115 रुपये प्रति लीटर के बीच है, जबकि सामान्य पेट्रोल का भाव लगभग 102 रुपये प्रति लीटर बताया गया है। इस अंतर के बावजूद कुछ ग्राहक प्रीमियम पेट्रोल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इसके पीछे प्रमुख वजह यह धारणा है कि हाई-ऑक्टेन पेट्रोल इंजन में नॉकिंग की समस्या कम कर सकता है और गाड़ी के प्रदर्शन को बेहतर बनाए रख सकता है। हालांकि, केवल प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने से माइलेज में होने वाली कमी की भरपाई हो जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
प्रीमियम पेट्रोल में भी 20 फीसदी इथेनॉल
प्रीमियम पेट्रोल को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिक ऑक्टेन रेटिंग का मतलब इथेनॉल की कम मात्रा होना नहीं है। सरकारी तेल कंपनियों के 95 और 97 ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल में भी E20 मिश्रण होने पर इथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी रहती है।
इसलिए सामान्य पेट्रोल से प्रीमियम पेट्रोल पर जाने भर से वाहन चालक इथेनॉल से छुटकारा नहीं पा सकते। दोनों ईंधनों के बीच मुख्य अंतर उनकी ऑक्टेन रेटिंग और इंजन में उनके प्रदर्शन से जुड़ा होता है।
हाई-ऑक्टेन पेट्रोल का सबसे अधिक लाभ उन इंजनों को मिल सकता है जिन्हें अधिक ऑक्टेन रेटिंग वाले ईंधन के इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। सामान्य वाहनों में इसका फायदा सीमित हो सकता है। वास्तविक परिणाम वाहन के मॉडल, इंजन की बनावट और निर्माता की ओर से निर्धारित ईंधन संबंधी जरूरतों पर निर्भर करते हैं।
E20 पेट्रोल को लेकर क्या है विशेषज्ञों की राय
दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व डिप्टी कमिश्नर और परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा के मुताबिक, E20 को लेकर वाहन चालकों के बीच शुरुआती दौर में जो आशंकाएं थीं, वे धीरे-धीरे कम हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इथेनॉल रहित पेट्रोल कुछ चुनिंदा प्रीमियम आउटलेट्स पर उपलब्ध होता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से विंटेज कारों और कुछ महंगी गाड़ियों में किया जाता है।
विशेषज्ञ के अनुसार, शुद्ध पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रित ईंधन की तुलना में प्रति लीटर अधिक ऊर्जा हो सकती है। इस वजह से कुछ परिस्थितियों में माइलेज का लाभ मिल सकता है। हालांकि, इथेनॉल रहित ईंधन की कीमत सामान्य पेट्रोल से 30 फीसदी से अधिक होने पर यह आम वाहन चालकों के लिए महंगा विकल्प साबित होता है।
XP100, SPEED100 और poWer100 जैसे 100 ऑक्टेन वाले ईंधन भी बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी ऊंची कीमत और सीमित मांग के कारण इनका इस्तेमाल व्यापक स्तर पर नहीं होता।
इथेनॉल मिश्रण से देश को क्या फायदा
इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर देश की निर्भरता कम करना है। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल के इस्तेमाल से कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च घटाने और विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि E20 को लेकर वाहन चालकों की चिंताओं का समाधान सही जानकारी और वाहन निर्माता के निर्देशों के आधार पर किया जाना चाहिए। हर गाड़ी में प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल जरूरी नहीं है। ईंधन का चुनाव करते समय इंजन की जरूरत, निर्माता की सिफारिश और अतिरिक्त लागत को ध्यान में रखना अधिक उपयोगी होगा।
वाहन चालकों के लिए क्या है जरूरी सलाह
E20 और प्रीमियम पेट्रोल के बीच चुनाव करने से पहले अपनी गाड़ी के मैनुअल में दी गई ईंधन संबंधी जानकारी देखना जरूरी है। यदि इंजन सामान्य ऑक्टेन रेटिंग वाले पेट्रोल के लिए बनाया गया है, तो केवल बेहतर माइलेज की उम्मीद में महंगा प्रीमियम पेट्रोल खरीदना हर स्थिति में फायदेमंद नहीं होगा।
इसी तरह, अधिक ऑक्टेन रेटिंग को इथेनॉल की कम मात्रा या बेहतर माइलेज की गारंटी नहीं समझना चाहिए। सही ईंधन वही है जो वाहन निर्माता की सिफारिशों के अनुरूप हो और वाहन की जरूरतों को पूरा करे।




















