पैन कार्ड आज बैंकिंग, टैक्स भुगतान और कई वित्तीय कामों के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। लेकिन इसकी जानकारी गलत हाथों में पहुंचने पर किसी व्यक्ति को बड़ी कानूनी और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली में एक कुक के साथ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां उसके पैन कार्ड पर 24.62 करोड़ रुपये की नकद बिक्री दर्ज मिली। इसके आधार पर उस पर करीब 4 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी तय की गई। हालांकि, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इस टैक्स मांग को रद्द कर दिया। यह मामला बताता है कि पैन कार्ड के गलत इस्तेमाल से बचने के लिए अपने वित्तीय रिकॉर्ड की नियमित जांच करना कितना जरूरी है।

कुक के पैन कार्ड पर कैसे दर्ज हुआ 24.62 करोड़ का कारोबार?

यह मामला दिल्ली के होटल अशोका में ठेके पर काम करने वाले ललित से जुड़ा है। आयकर विभाग के रिकॉर्ड में उनके पैन कार्ड के आधार पर पैकेजिंग सामग्री का कारोबार करने वाली एक कंपनी से संबंधित 24.62 करोड़ रुपये की नकद बिक्री दर्ज मिली थी। इसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ करीब 4 करोड़ रुपये की टैक्स मांग रखी।

ललित ने इस कारोबार से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया और पहचान का गलत इस्तेमाल किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उनके वकील के अनुसार, नौकरी के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उन्होंने ठेकेदारों को अपने पैन कार्ड की कॉपी दी थी। मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचने पर पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने टैक्स मांग को रद्द कर दिया।

पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है या नहीं, ऐसे करें जांच

अगर आपको आशंका है कि आपके पैन कार्ड का इस्तेमाल किसी अनजान वित्तीय गतिविधि में किया जा रहा है, तो कुछ आधिकारिक पोर्टल पर अपने रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं।

1. फॉर्म 26AS में देखें टैक्स का रिकॉर्ड

आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म 26AS चेक करें। इसमें टीडीएस और टीसीएस समेत टैक्स से जुड़ी कई जानकारियां दर्ज होती हैं। यदि कोई ऐसी प्रविष्टि दिखाई देती है, जिससे आपका कोई संबंध नहीं है, तो उसके बारे में जानकारी जुटाएं और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन करें।

2. AIS में जांचें वित्तीय लेनदेन

एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी AIS में विभिन्न प्रकार के वित्तीय लेनदेन की जानकारी उपलब्ध रहती है। इसमें दर्ज बिक्री, प्राप्तियों या अन्य बड़े लेनदेन को ध्यान से देखें। कोई अनजान प्रविष्टि मिलने पर उससे संबंधित विवरण और दस्तावेजों की जांच करें। गलत जानकारी होने पर आयकर विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध फीडबैक सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

3. GST पोर्टल पर पता करें कहीं फर्जी रजिस्ट्रेशन तो नहीं

GST के आधिकारिक पोर्टल पर पैन के आधार पर यह जांचने की सुविधा उपलब्ध है कि उससे कोई GST पंजीकरण जुड़ा है या नहीं। यदि आपके नाम या पैन से जुड़ा कोई ऐसा कारोबार या पंजीकरण दिखाई दे, जिसे आपने नहीं कराया है, तो संबंधित GST अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

फर्जीवाड़े का शक होने पर क्या करें?

  • अपने पैन से जुड़े टैक्स और वित्तीय रिकॉर्ड का विवरण सुरक्षित रखें।
  • अनजान लेनदेन की जानकारी और उससे जुड़े दस्तावेज जुटाएं।
  • पहचान की चोरी या दस्तावेजों के दुरुपयोग का संदेह होने पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
  • जरूरत पड़ने पर कर विशेषज्ञ या वकील की सलाह लें।

पैन कार्ड की कॉपी केवल विश्वसनीय संस्थाओं और जरूरी कामों के लिए ही साझा करें। जहां संभव हो, कॉपी पर उसके इस्तेमाल का उद्देश्य और तारीख लिखें। सबसे जरूरी बात यह है कि अपने टैक्स रिकॉर्ड की समय-समय पर जांच करते रहें, ताकि किसी अनजान लेनदेन का पता समय रहते लगाया जा सके।

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