मध्य प्रदेश: भाजपा के नाराज विधायकों की समस्याओं को दूर करने के लिए सत्ता और संगठन ने पहल तेज कर दी है। अब विधायकों को अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने रखने का अवसर मिल सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी विधायकों के साथ चर्चा करेंगे। इस दौरान विधानसभा क्षेत्रों के विकास, अधिकारियों के रवैये और संगठन के भीतर तालमेल जैसे मुद्दों पर बात होने की संभावना है।बताया जा रहा है कि विधायकों को दो चरणों में चर्चा के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास में बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है। इस पहल का उद्देश्य विधायकों की समस्याओं को समझना और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

अफसरों से लेकर जिला संगठन तक की शिकायतें रख सकेंगे विधायक

भाजपा संगठन के सामने यह बात आई है कि कुछ विधायकों और जिला स्तर के पार्टी पदाधिकारियों के बीच तालमेल की कमी है। वहीं, कुछ विधायकों की शिकायत है कि सरकारी विभागों में उनके काम समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी कई जगहों पर समन्वय की समस्या सामने आई है।कुछ विधायकों की अपने जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ कामकाज को लेकर असहमति बताई जा रही है। ऐसे में प्रस्तावित बैठकों के दौरान विधायक अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री और संगठन के प्रमुख नेताओं के सामने रख सकेंगे। इससे शिकायतों की जानकारी नेतृत्व तक पहुंचाने और उनके समाधान का रास्ता निकालने में मदद मिल सकती है।

मंत्रियों और विधायकों के बीच मतभेद भी बन सकते हैं चर्चा का विषय

प्रदेश के कुछ जिलों में मंत्रियों और विधायकों के बीच मतभेद की स्थिति होने की बात सामने आई है। कहीं विभागीय कामकाज को लेकर असंतोष है, तो कहीं जिले के प्रभारी मंत्री के साथ तालमेल की कमी की शिकायतें हैं। कुछ मामलों में विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाली राशि और कार्यों की मंजूरी को लेकर भी नाराजगी बताई जा रही है।सागर सहित कुछ जिलों में इस तरह की समस्याओं को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, हर विधायक की शिकायत और उसके पीछे की वजह अलग हो सकती है। ऐसे में सत्ता और संगठन का प्रयास होगा कि संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाए।

विकास कार्यों की प्रगति का भी लिया जा सकता है ब्योरा

प्रस्तावित बैठकों में केवल शिकायतें सुनने तक चर्चा सीमित रहने की संभावना नहीं है। विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है।कुछ विधायकों की शिकायत है कि विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों और दूसरी योजनाओं के तहत मंजूर परियोजनाओं को आगे बढाने में देरी हो रही है। सरकारी विभागों से अनुमति मिलने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को लेकर भी असंतोष सामने आया है।ऐसे में मुख्यमंत्री और संगठन के नेता यह जानने की कोशिश कर सकते हैं कि किन क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति धीमी है और इसके पीछे क्या कारण हैं। यदि प्रशासनिक स्तर पर अडचनें सामने आती हैं, तो उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा सकते हैं।

चंद्रशेखर तिवारी की सक्रियता के बाद संगठन में तेज हुई कवायद

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी ने जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। वे संभाग और जिला स्तर पर बैठकों के जरिए पार्टी पदाधिकारियों से संवाद कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, चार दिनों के भीतर सात जिलों में बैठकें की गई हैं।इन बैठकों में संगठन से जुडे विषयों के साथ सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की स्थिति पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहा है।छिंदवाडा में भी स्थानीय नेताओं और सांसद के बीच समन्वय से जुडी समस्या सामने आने के बाद संगठन की ओर से बातचीत के जरिए स्थिति सुधारने की पहल किए जाने की जानकारी है। इसके बाद अब विधायकों के साथ सीधे संवाद की कवायद को अहम माना जा रहा है।

सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

मध्य प्रदेश भाजपा की इस पहल को विधायकों की नाराजगी दूर करने और सरकारी कामकाज में आ रही बाधाओं को समझने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ होने वाली चर्चा में विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन बैठकों में कौन-कौन से मुद्दे सामने आते हैं और उनके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई होती है, तो इससे विधायकों के साथ प्रशासनिक तंत्र और जिला संगठन के बीच समन्वय बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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