इंदौर में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजन से जुडा विवाद अब राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में भाजपा नेता कमल सिंह चौहान ने अपना पक्ष रखते हुए माफी मांगी है। उन्होंने दावा किया कि हॉस्टल में गरबा आयोजन के दौरान एक बालिका के पिता शराब के नशे में अंदर आ गए थे। उन्हें समझाने के दौरान विवाद शुरू हुआ, जो बाद में बढ गया। चौहान के मुताबिक, बीच में बालिका के आ जाने से बहस और तेज हो गई। उन्होंने बालिका पर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

कमल सिंह चौहान ने बालिका और उसके परिवार से खेद जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष से पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की अपील की। उनका कहना है कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई उन्हें स्वीकार होगी।

10 से 12 साल से आयोजन से जुडे होने का दिया हवाला

कमल सिंह चौहान ने अपने पक्ष में कहा कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से गरबा आयोजन में सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार, इस आयोजन में करीब 5 हजार बालिकाएं हिस्सा लेती हैं। उन्होंने विवाद को लेकर बालिका और उसके परिजनों से माफी मांगते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।

चौहान ने यह भी बताया कि घटना को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा, भाजपा नगर अध्यक्ष की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।

क्या है इंदौर गरबा विवाद का पूरा मामला?

यह मामला 16 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है, जब नवरात्रि के दौरान गरबा पंडाल में हुई घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में भाजपा नेता कमल सिंह चौहान एक नाबालिग बालिका के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते और अभद्र व्यवहार करते दिखाई दिए।

वायरल वीडियो के मुताबिक, बालिका के परिवार के सामने ही चौहान ने उसकी बांह पकडी और उसे धक्का देकर वहां से जाने के लिए कहा। घटना के बाद पीडिता ने पुलिस को आवेदन देकर शिकायत की। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की।

भाजपा नेता के खिलाफ पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में केस

इस मामले में पुलिस ने कमल सिंह चौहान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत कार्रवाई की है। इसके साथ ही नाबालिग के साथ कथित अभद्रता और छेडछाड से जुडे आरोपों के आधार पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कमल सिंह चौहान भाजपा के राजमाता जीजाबाई मंडल के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद संगठन की ओर से नोटिस जारी किए जाने की बात भी सामने आई है।

जांच के नतीजों पर टिकी नजरें

गरबा आयोजन के दौरान हुई घटना को लेकर एक ओर पुलिस की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर कमल सिंह चौहान ने अपना पक्ष रखते हुए माफी मांगी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब मामले में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

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