
अंबिकापुर: सरगुजा जिले में युवाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से एक दिवसीय एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर के सोशल इनोवेशन एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट सेल तथा मुहिम फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर यूथ लीडरशिप एंड कम्युनिटी एक्शन सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों ने लखनपुर विकासखंड की कुन्नी ग्राम पंचायत का दौरा किया।
जनपद पंचायत लखनपुर के सहयोग से आयोजित इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण जीवन, पंचायत की कार्यप्रणाली, सामुदायिक सहभागिता और विकास से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझा। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना और विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासन की भूमिका से परिचित कराना था।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समूहों से किया संवाद
एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने गांव का भ्रमण किया और पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों तथा विभिन्न सेवाओं से जुड़े अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जाना कि ग्राम पंचायत स्थानीय विकास कार्यों के संचालन में किस तरह भूमिका निभाती है और सामुदायिक संस्थाएं आजीविका, सामाजिक कल्याण तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर किस प्रकार काम करती हैं।
विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान में पंचायत, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। इस अनुभव से उन्हें सहभागी शासन व्यवस्था, नागरिक जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी की व्यावहारिक समझ विकसित करने में मदद मिली।
शिक्षा को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना जरूरी
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को समाज और समुदाय की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है।जनपद पंचायत लखनपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) खुशबू शास्त्री ने कहा कि युवाओं का गांव पहुंचकर स्थानीय शासन और ग्रामीण विकास की प्रक्रियाओं को करीब से समझना सराहनीय है। गांव के विकास में पंचायत, समुदाय और विभिन्न संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के अनुभव युवाओं को स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता तैयार करने की पहल
महाविद्यालय के सोशल इनोवेशन एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट सेल के समन्वयक डॉ. दीपक सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज को समझने और उससे जुड़कर सीखने के अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। जब युवा ग्राम पंचायत और सामुदायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तो उनकी समझ व्यापक होती है। ऐसे अनुभव उन्हें भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता बनने में मदद करते हैं।
मुहिम फाउंडेशन के संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक ऋषिकेश ने कहा कि समुदाय से सीधे जुड़ने से युवाओं में करुणा, नेतृत्व क्षमता और नागरिक जिम्मेदारी की गहरी समझ विकसित होती है।
युवा नेतृत्व और सामाजिक नवाचार पर विशेष जोर
यूथ लीडरशिप एंड कम्युनिटी एक्शन सर्टिफिकेट कोर्स राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में मुहिम फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को युवा नेतृत्व, 21वीं सदी के कौशल, सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक नवाचार और शोध जैसे विषयों पर सीखने के अवसर दिए जाते हैं।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है, जो ज्ञान, कौशल, मानवीय मूल्यों और नागरिक जागरूकता के साथ अपने समुदाय से जुड़ें तथा न्यायपूर्ण, समावेशी और सहभागी समाज के निर्माण में योगदान दें। कुन्नी ग्राम पंचायत का यह भ्रमण विद्यार्थियों को सामाजिक वास्तविकताओं से जोड़ने और जमीनी स्तर पर विकास की प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।




















