
सूरजपुर: सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। 14 अक्टूबर 2026 की रात प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन वहां ताला लगा मिला। डॉक्टर और नर्स के अनुपस्थित रहने के कारण प्रसूता का प्रसव स्वास्थ्य केंद्र के सामने ही हो गया। इस दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि प्रसूता भी बेहोश हो गई।
घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर ने 15 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग आदेश जारी कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजेश पटेल, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, और द्वितीय एएनएम प्रमिला गिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, घटना के समय स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे। प्रसूता को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य केंद्र के सामने ही प्रसव हुआ, जिसके बाद नवजात की मृत्यु हो गई और प्रसूता बेहोश हो गई। इस घटना को प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जांच दल का प्रतिवेदन प्राप्त होने तक दोनों कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) संबंधी प्रावधानों के तहत निलंबित किया जाता है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और रात के समय स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसव जैसी आपात स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध नहीं होने से एक नवजात की जान चली गई। अब मामले की जांच के बाद घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




















