मध्य प्रदेश : राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें कालनेमि बताया है। मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस के नेता सनातन धर्म की बात करते हैं, तो उन्हें हंसी आती है। उन्होंने राम मंदिर के निमंत्रण, रामसेतु और भगवान राम के अस्तित्व को लेकर कांग्रेस के पुराने रुख का भी जिक्र किया।

दिग्विजय सिंह की पदयात्रा पर मंत्री ने उठाए सवाल

दरअसल, दिग्विजय सिंह उज्जैन के शिवधाम से उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित रामलला मंदिर तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। प्रस्तावित यात्रा करीब 950 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें वह पैदल सफर करेंगे। योजना के मुताबिक, दिग्विजय सिंह प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर चलेंगे। यात्रा की शुरुआत विजयादशमी के दिन होनी है।इसी यात्रा को लेकर जब धर्मेंद्र सिंह लोधी से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे हास्यास्पद बताया। मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता सनातन धर्म की बात करते हैं, जबकि अतीत में उनकी पार्टी का रुख राम मंदिर और रामसेतु जैसे मुद्दों पर अलग रहा है।

राम मंदिर और रामसेतु का किया जिक्र

धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने रामसेतु पर सवाल उठाने और भगवान राम के अस्तित्व को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया।मंत्री ने इन्हीं मुद्दों का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह को कालनेमि से जोड़कर टिप्पणी की। उनके इस बयान से प्रदेश की राजनीति में धार्मिक मुद्दों को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।

रामायण में कौन था कालनेमि?

रामायण की प्रचलित कथा के अनुसार, कालनेमि एक मायावी असुर था, जिसका संबंध रावण से बताया जाता है। जब मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए, तब वैद्य सुषेन ने उनके उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने की सलाह दी थी। यह बूटी हिमालय के पर्वतीय क्षेत्र में उपलब्ध बताई गई थी।कथा के अनुसार, भगवान हनुमान जब संजीवनी बूटी लेने जा रहे थे, तब रावण ने उन्हें रास्ते में रोकने के लिए कालनेमि को भेजा। कालनेमि ने मायावी रूप धारण कर हनुमान को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन उसकी चाल सफल नहीं हुई। हनुमान ने उसका वध कर दिया।इसी पौराणिक प्रसंग के संदर्भ में धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दिग्विजय सिंह के लिए कालनेमि शब्द का इस्तेमाल किया है। उनके बयान के बाद अब दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा और उस पर हो रही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं चर्चा में हैं।

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