
Shekhar Suman Show Controversy: बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन का नया कार्यक्रम ‘शेखर टुनाइट’ इन दिनों चर्चा में है। शो में राजनीतिक मुद्दों पर की गई टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर इसके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि सरकार की नाराजगी के कारण कार्यक्रम के अगले एपिसोड पर रोक लग सकती है। अब शेखर सुमन ने इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके छोटे से शो को लेकर परेशान होंगे।
प्रधानमंत्री की सोच से प्रेरित होकर शुरू किया राजनीतिक व्यंग्य
‘द लल्लनटॉप’ को दिए एक इंटरव्यू में शेखर सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर आलोचना को जरूरी बता चुके हैं। अभिनेता के अनुसार, इसी विचार से प्रेरित होकर उन्होंने अपने कार्यक्रम में राजनीतिक व्यंग्य और आलोचनात्मक टिप्पणियों को जगह दी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री इतने कमजोर हैं कि उनके शो के कारण सरकार की ओर से किसी तरह का दबाव बनाया जाएगा।
देश में इससे भी बड़े मुद्दे हैं
शेखर सुमन ने कहा कि देश में कई गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर प्रधानमंत्री का ध्यान रहता है। ऐसे में उनके कार्यक्रम को लेकर सरकार के परेशान होने की आशंका उन्हें उचित नहीं लगती। उन्होंने शो बंद होने या अगले एपिसोड को रोके जाने की चर्चाओं पर भी सवाल उठाए। हालांकि, कार्यक्रम पर आधिकारिक रोक लगाए जाने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
किसी एक पार्टी या नेता को निशाना बनाना मकसद नहीं
अभिनेता ने स्पष्ट किया कि ‘शेखर टुनाइट’ किसी खास राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ बनाया गया कार्यक्रम नहीं है। उनका कहना है कि शो के जरिए व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाते हैं। शेखर सुमन के मुताबिक, सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, यदि व्यवस्था में कोई खामी दिखाई देती है तो उस पर आलोचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।
संजय दत्त के बयान के बाद बढ़ी थी चर्चा
‘शेखर टुनाइट’ का गांधी जयंती विशेष एपिसोड भी विवाद और चर्चा का विषय बना था। इस एपिसोड में अभिनेता संजय दत्त ने देश में शांति को लेकर अपनी बात रखी थी। इसके बाद उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। इसी घटनाक्रम के बीच शो को लेकर भी बहस तेज हुई और इसके अगले एपिसोड पर रोक लगने की अटकलें सामने आईं। अब शेखर सुमन ने इन आशंकाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।




















