
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिहारपुर वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों के संयुक्त दल की आमद से सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। महुली और आसपास के इलाकों में सक्रिय हाथियों का यह झुंड खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा की भी आशंका सता रही है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह संयुक्त दल कोरिया जिले और प्रतापपुर-रमकोला क्षेत्र से आए छह-छह हाथियों के मिलने से बना है। कुल 12 हाथियों का यह झुंड रिहायशी इलाकों के आसपास सक्रिय है। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को खेतों और जंगल की ओर जाने में सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
खेतों में खड़ी फसलों को पहुंचा रहे नुकसान
हाथियों का दल क्षेत्र के खेतों में पहुंचकर फसलों को रौंद रहा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों को डर है कि यदि हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ता है, तो जनहानि की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में ग्रामीण हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
वन विभाग अलर्ट, लगातार की जा रही निगरानी
हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग का मैदानी अमला अलर्ट पर है। विभागीय कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों और आसपास के गांवों में गश्त कर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी स्थिति में उनके नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने लोगों से हाथियों को परेशान नहीं करने, उन्हें उकसाने या उनके रास्ते में बाधा नहीं डालने की अपील की है। साथ ही खेतों और जंगल की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।फिलहाल, 12 हाथियों के इस संयुक्त दल की मौजूदगी से बिहारपुर वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग की निगरानी से हाथियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी और संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।




















