घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के बाद सोने के भाव में सुधार आया और 10 ग्राम सोना टैक्स सहित 1,52,500 रुपये पर पहुंच गया। एक दिन में इसकी कीमत 3,600 रुपये बढ़ गई। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली और इसका भाव घटकर 2.24 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।

सोने की कीमतों में कितनी आई तेजी?

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 3,600 रुपये बढ़कर टैक्स सहित 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले बुधवार को सोना 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद आई इस तेजी से बाजार में सोने की कीमतों ने फिर बढ़त हासिल की।

आज 22 और 18 कैरेट सोने का भाव कितना है?

गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स से पहले सोने की कीमत 1,50,710 रुपये से 1,51,050 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही। रिपोर्ट में पिछले दिन के मुकाबले 1,140 रुपये की बढ़ोतरी बताई गई है।

वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,050 रुपये बढ़कर 1,38,150 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। 18 कैरेट सोने की कीमत में भी 850 रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,13,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

त्योहारी सीजन से सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद

बाजार के कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान आभूषणों की खरीदारी में तेजी आ सकती है। मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए ज्वेलर्स सोने की खरीद बढ़ा सकते हैं। इससे घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग के अनुसार, करीब दो महीने के निचले स्तर से उबरने के बाद सोने की कीमतों को कुछ मजबूती मिली। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के महंगे भाव ने सोने की तेजी को सीमित रखा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत का क्या रहा हाल?

वैश्विक बाजार में हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ 4,111.94 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता रहा। इससे पहले के सत्र में सोने की कीमत नौ सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थी।

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की जिंस एवं मुद्रा शोध विश्लेषक वेदिका नारवेकर के मुताबिक, गुरुवार को वैश्विक बाजार में सोना करीब 4,120 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर ने सोने की कीमतों में सुधार की रफ्तार को धीमा कर दिया।

चांदी की कीमत में 3,000 रुपये की गिरावट, तीन महीने से अधिक समय के निचले स्तर पर पहुंची

सोने में तेजी के विपरीत चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। तीन कारोबारी सत्रों तक स्थिर रहने के बाद चांदी का भाव फिर नीचे आ गया। पिछले सत्र में 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर रही चांदी गुरुवार को 3,000 रुपये सस्ती होकर 2.24 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

इस गिरावट के साथ चांदी तीन महीने से अधिक समय के निचले स्तर पर आ गई। इससे पहले 29 जून को इसकी कीमत इसी स्तर के आसपास थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दो प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

आगे सोने और चांदी की कीमतों पर किन कारकों का रहेगा असर?

आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल के भाव और पश्चिम एशिया के हालात पर निर्भर कर सकती है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में त्योहारी मांग भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

यदि आभूषणों की खरीदारी बढ़ती है, तो सोने को घरेलू बाजार में समर्थन मिल सकता है। वहीं, वैश्विक दबाव बने रहने पर चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है।

ध्यान दें कि यहां दिए गए भाव संबंधित रिपोर्ट के आंकड़ों पर आधारित हैं। वास्तविक खरीदारी के समय शहर, स्थानीय सर्राफा बाजार, लागू कर और मेकिंग चार्ज के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

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