
CJP Protesters Detained Delhi: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी। इसी प्रदर्शन में भाग लेने दिल्ली जा रहे कुछ कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन से उतार लिया। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन पर विरोध और नारेबाजी देखने को मिली। मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए संबंधित लोगों को सोमवार या उससे पहले अदालत में पेश करने का आदेश दिया।
गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे कार्यकर्ता
जानकारी के मुताबिक, CJP के कार्यकर्ता गोवा एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। उन्हें 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। लेकिन इटारसी जंक्शन पर ट्रेन पहुंचते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें नीचे उतार लिया।
प्लेटफॉर्म पर पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा तनाव
ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचने के बाद पुलिस बल ने घेराबंदी कर करीब 15 से 16 कार्यकर्ताओं को नीचे उतारा। इनमें 11 युवक और पांच युवतियां शामिल बताए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना पर्याप्त जानकारी दिए जबरन हिरासत में लिया गया। उन्होंने पुलिस पर अनुचित व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। घटना के बाद स्टेशन पर कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
महिला कार्यकर्ता ने पुलिस पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
इस कार्रवाई के बाद एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, ट्रेन में कार्रवाई के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और कपड़े तक खींचे गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई की शुरुआत में मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें हिरासत में लेने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका दावा है कि वे अपने मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने दिल्ली जा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
रिसॉर्ट में ठहराने के बाद कराया गया मेडिकल परीक्षण
ट्रेन से उतारे जाने के बाद कार्यकर्ताओं को इटारसी स्थित द पार्क रिसॉर्ट में ठहराए जाने की जानकारी सामने आई है। शुक्रवार सुबह शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल की मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यकर्ताओं के लिए नाश्ते में पोहा और जलेबी की व्यवस्था भी की गई थी। इस बीच, हिरासत की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए घटना के वीडियो
इटारसी रेलवे स्टेशन की घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि कार्यकर्ता चुनावी प्रक्रिया और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी मांग रखने के लिए दिल्ली जा रहे थे। संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आने की जानकारी दी गई है। ऐसे में कार्रवाई के कारणों और हिरासत से जुड़ी परिस्थितियों पर पुलिस का पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाई कोर्ट ने कार्यकर्ताओं को पेश करने का दिया निर्देश
मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए संबंधित लोगों को सोमवार या उससे पहले अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। अब इस प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, इस घटना ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और हिरासत की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मामले की पूरी स्थिति अदालत में होने वाली कार्यवाही और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।


















