
नई दिल्ली: भारत सरकार का खनन मंत्रालय आज से अपतटीय खनिज भंडारों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगा। मंत्रालय के अनुसार, यह पहल देश की समुद्री खनिज क्षमता को विकसित करने और भविष्य की खनिज संसाधन जरूरतों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
नीलामी के पहले चरण में अंडमान सागर क्षेत्र के दो अपतटीय खनिज भंडार शामिल किए जाएंगे। इन भंडारों को समग्र लाइसेंस के लिए नीलामी में पेश किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से समुद्री क्षेत्र में खनिजों के व्यवस्थित अन्वेषण को बढ़ावा मिलेगा और निजी निवेश के लिए नए अवसर तैयार होंगे।
खनन मंत्रालय ने कहा कि अपतटीय खनिज संसाधनों के विकास से अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे समुद्र के भीतर खनिजों की खोज और उनके संभावित विकास के लिए तकनीकी क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
मंत्रालय के मुताबिक, अपतटीय खनिज संसाधन तकनीकी विकास, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते बदलाव और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में समुद्री खनिज संसाधनों की खोज और विकास आने वाले समय में देश की दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा में भूमिका निभा सकता है।सरकार की इस पहल का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में उपलब्ध खनिज संसाधनों की संभावनाओं को सामने लाना, अन्वेषण गतिविधियों को बढ़ाना और इस क्षेत्र में निवेश तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना है।




















