
भोपाल। नवरात्रि से पहले भोपाल में गरबा आयोजनों में मुस्लिम समाज की भागीदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा की हालिया टिप्पणी के बाद अब मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर मामले में मार्गदर्शन देने की मांग की है। 21 सितंबर को कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान शानू की ओर से यह पत्र भेजा गया।
रामेश्वर शर्मा ने गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवकों की भागीदारी को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, शर्मा ने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में आएं तो अपने परिवार की महिलाओं को भी साथ लेकर आएं।
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने बयान पर जताई आपत्ति
कमेटी ने अपने पत्र में कहा है कि जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक बयान का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। संगठन के मुताबिक गरबा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, इसलिए आयोजकों के निर्धारित नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही सार्वजनिक संवाद में सभी समुदायों के प्रति सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत है।
कमेटी ने पत्र में यह भी कहा कि भोपाल और मध्यप्रदेश को अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी मेलजोल और भाईचारे के लिए जाना जाता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों को लेकर ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए, जिससे समाज में दूरी या तनाव बढ़े।
मोहन भागवत से मार्गदर्शन की मांग
जीशान रहमान ने मोहन भागवत से इस पूरे विषय पर उचित स्तर पर मार्गदर्शन देने का आग्रह किया है। कमेटी का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर नियम बनाने या उनका पालन कराने का अधिकार संबंधित आयोजकों के पास है, लेकिन सार्वजनिक बयानबाजी के दौरान सामाजिक सौहार्द का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
कमेटी ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी धार्मिक आयोजन का विरोध नहीं कर रही है और न ही किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना उसका उद्देश्य है।
कमेटी बोली- उद्देश्य सामाजिक सद्भाव बनाए रखना
कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि संगठन संविधान के दायरे में रहते हुए आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने के पक्ष में है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को लेकर समुदायों के बीच संवाद बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है।
रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
गरबा में मुस्लिम युवकों की भागीदारी को लेकर रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद भोपाल में राजनीतिक बहस शुरू हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई है, जबकि गरबा आयोजनों में कौन शामिल हो सकता है और किन नियमों के तहत प्रवेश दिया जाए, इसे लेकर अलग-अलग संगठन अपनी राय रख रहे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से मोहन भागवत को लिखा गया पत्र अब मामले में एक नया घटनाक्रम है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।




















