हिंदू पंचांग के अनुसार आज 17 सितंबर 2026 को देशभर में विश्वकर्मा जयंती मनाई जा रही है। इस पर्व को विश्वकर्मा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार और वास्तुकार के रूप में माना गया है। यही वजह है कि इस दिन कारखानों, उद्योगों, दुकानों, कार्यस्थलों और निर्माण से जुड़े संस्थानों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।

मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने अनेक दिव्य निर्माण और वास्तु रचनाओं को आकार दिया था। विश्वकर्मा जयंती पर लोग अपनी रोजमर्रा की आजीविका से जुड़े औजारों, मशीनों और वाहनों की भी पूजा करते हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार, श्रद्धा के साथ की गई इस पूजा से कार्यक्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

विश्वकर्मा जयंती पर कब करें पूजा

इस वर्ष भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए दिन में तीन शुभ समय बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 7 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 48 मिनट तक दूसरा शुभ समय रहेगा। शाम के समय तीसरा मुहूर्त 4 बजकर 52 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन शुभ समय में पूजा कर सकते हैं।

घर, दुकान या फैक्ट्री में ऐसे करें पूजा

विश्वकर्मा पूजा के लिए सबसे पहले सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद जिस स्थान पर पूजा करनी है, उसकी अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।

पूजा के लिए एक चौकी तैयार करें और उस पर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं। इसके ऊपर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। यदि पूजा किसी दुकान, कारखाने या कार्यस्थल पर की जा रही है तो वहां इस्तेमाल होने वाले प्रमुख औजार, मशीनें और अन्य उपकरण भी पूजा स्थल के पास रखें।

कलश स्थापना से लेकर तिलक तक की प्रक्रिया

पूजा स्थल पर जल से भरा कलश स्थापित करें। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा के साथ कलश, औजारों और मशीनों पर रोली तथा अक्षत से तिलक करें। पूजा की शुरुआत में हाथ में जल, फूल और सुपारी लेकर भगवान का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।

इसके बाद भगवान विश्वकर्मा के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप या अगरबत्ती अर्पित करें। सभी मशीनों और औजारों पर भी तिलक लगाकर फूल चढ़ाएं। पूजा के अंत में भगवान को मिठाई का भोग लगाएं और परिवार के सदस्यों या सहकर्मियों के साथ श्रद्धापूर्वक आरती करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा जयंती पर कार्यस्थल और काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा करने से भगवान विश्वकर्मा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!