
सागर: सागर जिले में नकली शराब मामले में वांछित आरोपी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने रविवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार बहरोल थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नकली शराब मामले में वांछित शिवांजय राजपूत मडैया के पास जंगल क्षेत्र से निकलकर बांदा थाना क्षेत्र के छपरी स्थित अपने घर की ओर जा सकता है। सूचना को सागर पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों से साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए अभियान शुरू किया।सागर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बांदरी थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम मौके के लिए रवाना हुई। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह सहित आसपास के थानों की पुलिस को भी अभियान में शामिल किया गया। पुलिस टीम ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की।
पुलिस का दावा है कि तलाशी अभियान के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने पुलिस टीम की ओर तीन राउंड गोली चलाई। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए। इस दौरान गोली आरोपी के पैर में लगी और पुलिस ने उसे मौके से पकड़ लिया।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर की देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, तीन इस्तेमाल किए गए कारतूस के खोल, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के मुताबिक शिवांजय राजपूत के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह शराब की अवैध तस्करी से जुड़ा रहा है। बांदा में नकली शराब के मामले में वह वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
जहरीली शराब कांड के बाद बढ़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है। मामले की जांच के लिए सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित एक सदस्यीय आयोग को तीन महीने में रिपोर्ट सौंपनी है।आयोग को जहरीली शराब से हुई मौतों के कारण, मामले में आबकारी एवं पुलिस अधिकारियों की भूमिका तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आयोग का मुख्यालय सागर में रहेगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



















