
नई दिल्ली: FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब वाहन मालिक बिना नया FASTag खरीदे या पुराना टैग बदलवाए अपने FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कर सकेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शुक्रवार को ‘वन टैग’ फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। इसकी प्रक्रिया मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर होगी।
इस सुविधा के तहत यदि कोई FASTag यूजर अपने मौजूदा जारीकर्ता बैंक की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है, तो वह नया FASTag लेने की जरूरत के बिना दूसरे भाग लेने वाले बैंक में अपना टैग ट्रांसफर कर सकेगा। इससे FASTag से जुड़ी बैंक बदलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो जाएगी।
करीब एक दर्जन बैंक जुड़े
NHAI के ‘वन टैग’ फ्रेमवर्क में करीब एक दर्जन प्रमुख बैंक शामिल हुए हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ICICI बैंक और Airtel Payments Bank सहित अन्य भागीदार बैंक शामिल हैं। FASTag पोर्टेबिलिटी की सुविधा राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर अब 98 प्रतिशत से अधिक टोल कलेक्शन FASTag के जरिए किया जा रहा है। ऐसे में बैंक बदलने की सुविधा से लाखों FASTag यूजर्स को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।
20 किमी दायरे के लोगों के लिए सालाना लोकल पास
इसके अलावा सरकार टोल प्लाजा के20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए वार्षिक लोकल पास शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसकी कीमत करीब 1,500 रुपये सालाना होने का अनुमान है।
फिलहाल स्थानीय निवासियों को टोल प्लाजा के लिए मासिक आधार पर लोकल पास जारी किए जाते हैं। वहीं FASTag का मौजूदा वार्षिक पास पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर यात्रा के लिए मान्य होता है।नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय लोगों को बार-बार मासिक पास बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें सालाना पास की सुविधा मिल सकेगी।




















