
भारतीय क्रिकेट में कुछ रिश्ते सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समय के साथ उनकी अपनी अलग पहचान बन जाती है। सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी की दोस्ती भी ऐसी ही रही है। टीम इंडिया से लेकर आईपीएल तक दोनों ने लंबे समय तक साथ क्रिकेट खेला और इस दौरान उनकी बॉन्डिंग ने खूब सुर्खियां बटोरीं। रैना कई बार धोनी को अपना आदर्श बता चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने यह भी बताया है कि आखिर उनके मन में माही के लिए इतना सम्मान और समर्पण कैसे पैदा हुआ।
आकाश चोपड़ा के सवाल ने खोला पुराना राज
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में सुरेश रैना ने धोनी के साथ अपने रिश्ते से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने रैना से सीधे सवाल किया कि धोनी के प्रति उनके मन में इतनी मजबूत भावनाएं कैसे बनीं। उन्होंने उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें रैना ने कहा था कि वह पहले धोनी के लिए खेलते हैं और उसके बाद देश के लिए।
रैना ने इस सवाल का जवाब देते हुए अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दौर की एक घटना याद की। उनके मुताबिक, धोनी की एक खास आदत ने उन्हें काफी प्रभावित किया था।
एक फैसले ने बदल दिया रैना का नजरिया
रैना ने बताया कि जब वह टीम में खेल रहे थे, तब धोनी ने कई मौकों पर अपनी भूमिका से समझौता करते हुए उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। रैना के मुताबिक, युवराज सिंह और दूसरे बल्लेबाजों को ऊपर भेजने के लिए धोनी खुद निचले क्रम में खेलने को तैयार रहते थे।
यही बात रैना के मन में गहराई से बैठ गई। उन्हें लगा कि कप्तान होते हुए भी धोनी अपनी जगह छोड़कर दूसरे खिलाड़ियों को मौके दे रहे हैं। रैना के लिए यह सिर्फ टीम मैनेजमेंट का फैसला नहीं था, बल्कि एक बड़े खिलाड़ी का ऐसा त्याग था जिसने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया।
रैना ने बताया कि उसी दौर में उन्होंने मन बना लिया था कि धोनी के लिए वह पूरी ताकत से खेलेंगे। उनके मन में यह भावना पैदा हो गई थी कि अगर माही किसी खिलाड़ी के लिए अपनी जगह तक छोड़ सकते हैं, तो वह भी मैदान पर उनके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने में पीछे नहीं हटेंगे।
संन्यास के फैसले ने फिर दिखाया दोनों का खास रिश्ता
15 अगस्त 2020 भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक भावुक दिन रहा। महेंद्र सिंह धोनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इसके कुछ ही घंटे बाद सुरेश रैना ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास लेने का फैसला सुनाकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया।
रैना ने आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में उस समय की ड्रेसिंग रूम की एक घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि धोनी के संन्यास के बाद जब वह ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और यह कहने लगे कि अब सब खत्म हो गया, तो धोनी ने उनकी बात सुनकर हैरानी जताई और पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों कर दिया।
दोनों के संन्यास के बीच कुछ घंटों का यह अंतर आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक भावुक संयोग माना जाता है। धोनी और रैना की दोस्ती ने भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे रिश्ते की मिसाल कायम की, जिसमें कप्तान और खिलाड़ी का रिश्ता समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गया।




















