
Ajay Rai Defamation Case: अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान मछली भोज को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अजय राय का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए मछली खाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है।
अयोध्या के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
मामला अयोध्या में निषाद समाज के एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें अजय राय भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में सावन के दौरान मछली भोज आयोजित किया गया।इसके बाद भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं और सनातन परंपराओं से जोड़ते हुए कांग्रेस तथा अजय राय पर निशाना साधना शुरू कर दिया। मामला बढ़ने के साथ दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
अजय राय ने लखनऊ कोर्ट का रुख किया
विवाद बढ़ने के बाद अजय राय मंगलवार को लखनऊ सिविल कोर्ट पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि अजय राय इन आरोपों से आहत हैं और उनके खिलाफ गलत जानकारी के आधार पर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया।अजय राय पहले ही सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने भाजपा से अपने ऊपर मछली खाने के आरोप का प्रमाण मांगते हुए यहां तक कहा था कि यदि उनकी मछली खाते हुए तस्वीर सामने आती है तो वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।
तस्वीर सामने आई तो इस्तीफा देने की चुनौती
अजय राय ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनके मछली खाने की तस्वीर सामने आती है तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा ऐसा कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाती है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा देना चाहिए।
निषाद समाज के कार्यक्रम को लेकर दी सफाई
अजय राय ने कहा कि जिस आयोजन को लेकर विवाद खड़ा किया गया, वह निषाद समाज का कार्यक्रम था। उनके मुताबिक मछली पकड़ना और उसका सेवन करना निषाद समाज की पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा रहा है।उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, इसलिए वह वहां पहुंचे थे। अजय राय का दावा है कि उनके मछली खाने की बात पूरी तरह गलत है और इसी आधार पर उनके खिलाफ राजनीतिक आरोप लगाए गए।अब मानहानि मामले के अदालत में पहुंचने के बाद अयोध्या का यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई में बदल गया है। अदालत की आगामी कार्यवाही से यह तय होगा कि मामले में आगे क्या दिशा बनती है।




















