अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठन ने शासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक पंचायत संघ ने प्रदेश में प्रचलित पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी की अनिवार्यता को वर्ष 2028 तक शिथिल करते हुए वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग की है। इसी मांग को लेकर संघ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अध्यक्ष संदीप कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय कुसमी के समक्ष पहुंचकर शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघ की ओर से मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद वर्तमान में पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी को अनिवार्य किए जाने से उन शिक्षकों के हित प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर दिया गया है।

शिक्षक संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि जब शासन द्वारा शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, तो वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी को तत्काल अनिवार्य करना उचित नहीं है। संघ का कहना है कि इससे लंबे समय से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति के अवसर से वंचित हो सकते हैं।

संघ ने मांग की है कि वर्ष 2028 तक टीईटी की अनिवार्यता को शिथिल करते हुए वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को आधार बनाया जाए। साथ ही जिन शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाती है, उन्हें वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर दिया जाए।

ज्ञापन में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने की मांग भी की गई है। संघ का कहना है कि वर्तमान में सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। विभागीय स्तर पर परीक्षा आयोजित होने से ऐसे शिक्षकों को भी पात्रता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जो निर्धारित अवधि में टीईटी उत्तीर्ण करना चाहते हैं।

शिक्षक संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों का पालन करने की मांग भी ज्ञापन में उठाई है। संघ का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण का प्रावधान लागू किया जाना चाहिए, ताकि संबंधित वर्ग के पात्र शिक्षकों को उनके संवैधानिक अधिकारों का लाभ मिल सके।

संघ ने शासन से मांग की है कि प्रदेश में चल रही पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी की अनिवार्यता को वर्ष 2028 तक शिथिल किया जाए और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इसके साथ ही कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने तथा पदोन्नति में एससी-एसटी वर्ग के शिक्षकों के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जाए।

कुसमी एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष संदीप कुमार सहित छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक पंचायत संघ के अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। संघ ने शासन से शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।

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