
भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं. शुक्रवार को टीकमगढ़ दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी बीच टीकमगढ़ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नवीत कुमार धुर्वे को हटाकर देवास भेज दिया गया है.
टीकमगढ़ दौरे में अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 अगस्त को टीकमगढ़ पहुंचे. उन्होंने जिले में अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर सरकारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य योजनाओं को कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है. अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी.
नवीत कुमार धुर्वे का देवास तबादला
शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार ने 32 IAS अधिकारियों के तबादले किए. इसी सूची में 2018 बैच के IAS अधिकारी नवीत कुमार धुर्वे का नाम भी शामिल है. उन्हें टीकमगढ़ जिला पंचायत CEO के पद से हटाकर देवास जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है.
वहीं, विशाल धाकड़ को टीकमगढ़ जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कई अधिकारियों के इंक्रीमेंट भी रोके गए
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी योजनाओं और कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा. कई अधिकारियों के इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई भी की गई है.
उन्होंने राशन दुकानों की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को चेतावनी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राशन दुकानों के निरीक्षण में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
जन विश्वास अभियान के तहत हो रही कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार ने 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत की है, जिसे 2027 तक चलाया जाना है. इस अभियान के तहत सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी की जा रही है.
सरकार का फोकस लापरवाही करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ-साथ बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने पर भी है.
बड़वानी में भी हो चुका है बड़ा एक्शन
इससे पहले 14 अगस्त को बड़वानी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी कार्यों का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद शासकीय कार्यों में लापरवाही के मामले में 7 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी.
टीकमगढ़ में हुई कार्रवाई को भी इसी सख्त प्रशासनिक रुख का हिस्सा माना जा रहा है. मुख्यमंत्री के लगातार एक्शन से अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच यह संदेश स्पष्ट हो रहा है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही या जनता से जुड़े कामों में उदासीनता पर जवाबदेही तय की जाएगी.




















