
सूरजपुर: सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में लाइफलाइन एक्सप्रेस के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के दौरान नगर पंचायत कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। नगर पंचायत कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर मारपीट करने, मोबाइल तोड़ने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
नगर पंचायत कर्मचारियों के अनुसार, वे लाइफलाइन एक्सप्रेस के लिए सड़क सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में जुटे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ हाथ-पैर से मारपीट की गई और पत्थर उठाकर मारने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों ने गड्ढा खोदकर दफनाने और जेसीबी चलाने जैसी धमकियां देने का भी आरोप लगाया है। एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
घटना के बाद नगर पंचायत कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों ने मामले की शिकायत अधिकारियों के समक्ष कर कार्रवाई की मांग की है।
अपर कलेक्टर ने आरोपों को बताया गलत और बेबुनियाद
वहीं, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि विवाद जैसी कोई बात नहीं हुई है। सभी लोग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। लाइफलाइन एक्सप्रेस के कार्यों के सुपरविजन के दौरान कर्मचारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से करने के निर्देश दिए गए थे।
अपर कलेक्टर ने कहा कि कुछ कार्यों को ठीक तरीके से करने के लिए कर्मचारियों को समझाइश के साथ सख्त निर्देश दिए गए थे। यदि कोई उन निर्देशों को अन्यथा ले रहा है तो इसमें वे कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया।उन्होंने कहा कि लाइफलाइन एक्सप्रेस में इलाज और सेवा के लिए दूर-दराज से आम नागरिक, मरीज और उनके परिजन पहुंच रहे हैं। ऐसे में सभी की प्राथमिकता मरीजों की सेवा और बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए लाइफलाइन एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की अपील की।
फिलहाल मामला बिश्रामपुर स्थित लाइफलाइन एक्सप्रेस स्थल से जुड़ा है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच शिकायत के आधार पर आगे की जांच स्पष्ट होगी।



















