नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 250 से ज्यादा संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।एक्ज़िक्यूटिव ब्रांच गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 12 अगस्त को देश के 14 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया गया।

इस कार्रवाई के दौरान कुल 253 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें कर्नाटक के तीन लोग भी शामिल हैं। को अहम जगह अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया कि कार्रवाई का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस से पहले संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकना और देश विरोधी नेटवर्क को कमजोर करना था। 14 राज्यों में एक साथ चला अभियान गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया इनपुट के आधार पर कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग आतंकी नेटवर्क के संपर्क में हैं और देश में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल बनाकर ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई और कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

जांच के बाद 253 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आतंकी साजिश नाकाम करने का दावा गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण संभावित विनाशकारी हमलों की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।एक्ज़िक्यूटिव ब्रांच उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मालवीय हटे सरकार का कहना है कि आतंकी नेटवर्क और उनके समर्थकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ISI समर्थित नेटवर्क की जांच सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार किए गए लोगों के कथित संबंधों की जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था और इसके संपर्क किन लोगों से थे। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन लोगों को किसी विदेशी संगठन या आतंकी नेटवर्क से सहायता मिल रही थी। स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ाई गई थी सतर्कता स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है।छुट्टियां व मौसमी आयोजन इस बार भी खुफिया एजेंसियों ने संभावित खतरों को देखते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट किया था। इसी क्रम में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित खतरे को टालने में मदद मिली। राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का समन्वय इस ऑपरेशन में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में खुफिया जानकारी साझा करना और समय पर कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। 14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई इसी समन्वय का परिणाम बताई जा रही है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई गृह मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले इतने बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।छुट्टियां व मौसमी आयोजन 253 संदिग्धों की गिरफ्तारी और 80 से अधिक एफआईआर दर्ज होना यह दिखाता है कि एजेंसियां आतंकी नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!