India Strikes Back Operation Sindoor: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। एक विशेष डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने अभियान के दौरान लिए गए रणनीतिक फैसलों, सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन उसकी सहनशीलता को कभी भी कमजोरी नहीं समझना चाहिए।

'जरूरत पड़ने पर भारत निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम'

अजीत डोभाल ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए आवश्यक जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि यदि देश की सुरक्षा को चुनौती दी जाती है तो भारत प्रभावी और सटीक जवाब देने की पूरी क्षमता रखता है। उनके अनुसार ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, जिन्हें पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार माना गया।

डॉक्यूमेंट्री में सामने आएंगे अभियान के अहम फैसले

'Declassified: Operation Sindoor' नामक दो भागों की डॉक्यूमेंट्री में अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों के माध्यम से ऑपरेशन के दौरान लिए गए प्रमुख निर्णयों और घटनाक्रम को विस्तार से दिखाया गया है।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। लगभग 88 घंटे तक चले इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान स्थित कई आतंकी ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई की। यह अभियान 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद समाप्त हुआ।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत का स्पष्ट संदेश

डोभाल ने अपने बयान में कहा कि भारत की नीति स्पष्ट है। देश शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने में कोई हिचक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखाया कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है।

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