
रायपुर, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले लाखों निर्दाेष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
’विभाजन देश के इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक त्रासदी’
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि 1947 का विभाजन भारत के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय था। इस दौरान असंख्य लोगों ने अपनों को खोया और लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर बेघर होना पड़ा। यह वेदना देश की सामूहिक स्मृति में दर्ज है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी निर्दाेष लोगों के त्याग, असीम संघर्ष और पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने उस भयावह दौर का सामना किया।
’राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर बल’
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह दिवस हमें सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की डोर को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें इस त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। एक एकजुट, समरस और संगठित समाज ही एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण की असली आधारशिला है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभाजन की विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले सभी निर्दाेष नागरिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।











