

छत्तीसगढ़: चर्चित शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित विशेष न्यायालय में 38 आरोपियों के खिलाफ लगभग 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े स्क्रीनिंग कमेटी के दो सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है। लंबे समय से चल रही जांच के बाद एजेंसी ने यह अहम कदम उठाया है।
135 पदों की भर्ती से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ जनपद पंचायत में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के 135 पदों पर हुई भर्ती से संबंधित है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुल 123 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
जांच में सामने आया कि चयनित उम्मीदवारों में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की। आरोप है कि अनुभव प्रमाण पत्र, खेल प्रमाण पत्र, एनसीसी और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
जांच में फर्जी पाए गए अधिकांश दस्तावेज
शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान 39 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिनमें से 38 उम्मीदवारों के दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए। इसके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया है।
स्क्रीनिंग कमेटी पर पद के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में स्क्रीनिंग कमेटी के कुछ सदस्यों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि अभ्यर्थियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज स्वीकार किए गए और नियमों के विपरीत अतिरिक्त अंक देकर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
इस मामले में स्क्रीनिंग कमेटी के जिन दो सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके नाम प्रकाश मेघाम और टीकाराम साहू बताए गए हैं।
तीन आरोपियों की हो चुकी है मौत
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले से जुड़े तीन आरोपियों का निधन हो चुका है। इसके चलते आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने उनके विरुद्ध आरोप समाप्त किए जाने के लिए विशेष न्यायालय में अलग से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।
अन्य चयनित उम्मीदवारों की जांच भी जारी
ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। भर्ती प्रक्रिया में चयनित अन्य अभ्यर्थियों और उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि आगे और अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











