

इंदौर। मध्य प्रदेश की सियासत में आदिवासी मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा आदिवासी समाज का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के लिए करती है। महापौर ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय के विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भाजपा ने ठोस काम किए हैं, जबकि कांग्रेस दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद इस दिशा में प्रभावी प्रयास नहीं कर सकी।
कांग्रेस ने सिर्फ वोट बैंक समझा- महापौर
पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक आदिवासी समाज को केवल चुनावी राजनीति का हिस्सा बनाकर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं की। उनका कहना था कि भाजपा सरकार ने आदिवासी समाज की जरूरतों को समझते हुए योजनाओं को जमीन पर उतारा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार काम किया।
भाजपा ने विकास और सम्मान दोनों पर दिया जोर
महापौर ने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ विकास को भी प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी बहुल इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है।
सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ
पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, वन अधिकार पट्टा समेत कई कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आदिवासी परिवारों को सीधा फायदा मिला है। उनके अनुसार भाजपा सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है और इसी सोच के साथ विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
विकास की राजनीति पर भाजपा का भरोसा
महापौर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति विकास केंद्रित है। उनका दावा है कि पार्टी जाति और वोट बैंक की राजनीति के बजाय जनकल्याण और समग्र विकास को प्राथमिकता देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के उत्थान और उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।











