संसद के मॉनसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का विस्तृत जवाब सदन में दिया जाएगा। सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर अपना पक्ष रखेंगे।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि चर्चा के दौरान व्यवधान न पैदा करें, सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने दें और बहस पूरी होने तक सदन में मौजूद रहें। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

विपक्ष लंबे समय से कर रहा था मांग

मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष छात्र आंदोलन, परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा था। विपक्ष का कहना था कि इन विषयों पर सरकार की ओर से सीधे गृह मंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस ने सांसदों को जारी किया व्हिप

इसी बीच कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। पार्टी चाहती है कि इन महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान उसके सभी सांसद सदन में मौजूद रहें।

प्रियंका गांधी ने दोहराई मांग

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में कहा कि जब तक गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष नहीं रखते, तब तक गतिरोध समाप्त होने की संभावना कम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देगी।

हंगामे के बीच अहम मोड़

मॉनसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही विपक्ष के विरोध और लगातार हंगामे के कारण कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई। अब सरकार द्वारा चर्चा और जवाब देने की सहमति के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सदन में सार्थक बहस होती है या राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहता है।

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