

बलरामपुर: नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के छात्रावासों में नशामुक्ति अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अधिकारी के नेतृत्व में प्री मैट्रिक बालक छात्रावास चलगली सहित जिले के विभिन्न छात्रावासों में विद्यार्थियों ने स्लोगन, निबंध, चित्रकला एवं निबंध वाचन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों को चित्रों और शब्दों के जरिए अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया स्लोगन और चित्रों में नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हां जैसे संदेशों के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।अभियान के तहत छात्रावासों में विद्यार्थियों एवं संबंधितों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों को चलचित्रों एवं दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार की खुशहाली और सामाजिक जीवन पर भी विपरीत प्रभाव डालती है। साथ ही नशे से दूर रहने से स्वस्थ शरीर, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक खुशहाली जैसे लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि नशामुक्ति गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ ही उनमें स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। जिले के विभिन्न छात्रावासों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी यह संदेश दे रही है कि नशामुक्त समाज की शुरुआत जागरूक युवा पीढ़ी से ही संभव है।











