

छत्तीसगढ़ : राशन कार्ड धारकों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आसान बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। सरकार ने राशन वितरण को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए अनुपूर्ति ग्रीन ATM की शुरुआत की है। इस व्यवस्था का मकसद राशन कार्ड धारकों को लंबी कतार और उचित मूल्य की दुकान पर बार-बार जाने की परेशानी से राहत देना है।नई तकनीक आधारित व्यवस्था के जरिए पात्र हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है।
तीन बड़े शहरों से हुई नई व्यवस्था की शुरुआत
फिलहाल अनुपूर्ति ग्रीन ATM की सुविधा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शुरू की गई है। इसे सामान्य ATM की तर्ज पर तैयार किया गया है, लेकिन यहां नकदी की जगह पात्र राशन कार्ड धारकों को उनके हिस्से का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।मशीन की उपलब्धता चौबीस घंटे रहने की व्यवस्था की गई है। इसका मतलब है कि लाभार्थियों को राशन लेने के लिए केवल तय समय पर दुकान पहुंचने की मजबूरी नहीं रहेगी। अपनी सुविधा के मुताबिक निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके राशन प्राप्त किया जा सकेगा।
मशीन तक पहुंचने के बाद सिर्फ कुछ जरूरी चरण पूरे करने होंगे
अनुपूर्ति ग्रीन ATM से राशन लेने के लिए लाभार्थी को अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए यह जांच की जाएगी कि मशीन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति संबंधित राशन कार्ड का पात्र हितग्राही है या नहीं।सत्यापन सफल होने के बाद सिस्टम में दर्ज पात्रता के आधार पर महीने का राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में डिजिटल सत्यापन का इस्तेमाल होने से गलत व्यक्ति द्वारा राशन लेने की संभावना को कम करने में मदद मिल सकती है।
नई तकनीक से राशन वितरण पर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद
PDS में लंबे समय से पारदर्शिता और सही मात्रा में खाद्यान्न वितरण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मशीन आधारित वितरण व्यवस्था इन समस्याओं को कम करने में उपयोगी साबित हो सकती है।डिजिटल सत्यापन के कारण कम तौल, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और मानवीय हस्तक्षेप से जुड़ी शिकायतों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही राशन वितरण की प्रक्रिया अधिक रिकॉर्ड आधारित और निगरानी योग्य बन सकती है।
लाभार्थियों के साथ दुकानदारों को भी मिल सकती है राहत
इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ राशन कार्ड धारकों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि अधिक संख्या में लोग ATM आधारित वितरण का इस्तेमाल करते हैं, तो उचित मूल्य की दुकानों पर भीड़ कम हो सकती है। इससे दुकानदारों पर एक साथ बड़ी संख्या में लाभार्थियों को राशन देने का दबाव घट सकता है।लाभार्थियों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें राशन लेने के लिए लंबी लाइन में घंटों खड़े रहने या बार-बार दुकान के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में राशन व्यवस्था के डिजिटल बदलाव की यह एक अहम कड़ी
अनुपूर्ति ग्रीन ATM को फिलहाल चुनिंदा शहरों में शुरू किया गया है। आगे इस मॉडल का विस्तार किस स्तर तक किया जाएगा, यह सरकार के अगले निर्णयों पर निर्भर करेगा। यदि यह व्यवस्था बड़े स्तर पर सफल रहती है, तो राशन वितरण प्रणाली को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।











