

जशपुर: जशपुर पुलिस ने 311.35 किलोग्राम गांजा तस्करी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के अनुसार 14 जुलाई 2026 को थाना कुनकुरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जयस्तंभ चौक में नाकाबंदी की थी। इस दौरान ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही इनोवा वाहन (OD17J-0205) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी बोडोकछार-पुटपुटीपानी जंगल में वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 295 पैकेटों में भरा 311 किलो 35 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा, इनोवा वाहन, फर्जी नंबर प्लेट तथा गांजा छिपाने में इस्तेमाल किए गए काले कपड़े जब्त कर थाना कुनकुरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से फरार चालक की पहचान रूप सिंह यादव (35 वर्ष) निवासी गांधी चौक, झारसुगड़ा (ओडिशा), वर्तमान निवासी टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई। सूचना मिलने पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम को टीकमगढ़ भेजा गया, जहां योजनाबद्ध घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर जशपुर लाया गया।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झारसुगड़ा स्थित उसके घर से घटना में प्रयुक्त इनोवा वाहन की मूल चाबी भी बरामद कर जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपी ने गांजा तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक राकेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, प्रधान आरक्षक दलेश्वर यादव, आरक्षक चंद्रशेखर बंजारे तथा नंदलाल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रही है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।











