

नई दिल्ली: भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 54 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। अब उनकी नजर फाइनल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल करने पर है।
सेमीफाइनल में एकतरफा जीत
विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज और एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। पूरे मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज का दबदबा साफ दिखाई दिया और उन्होंने विरोधी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
हर राउंड में रही प्रीति की पकड़
प्रीति ने पहले राउंड में 10-8 के अंतर से बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में भी उन्होंने 10-8 के समान स्कोर के साथ अपना दबदबा कायम रखा। तीसरे और अंतिम राउंड में भी उन्होंने 10-9 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया और अपने पदक का रंग कांस्य से बदलकर रजत कर लिया।
अब गोल्ड के लिए होगी टक्कर
कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा ले रहीं प्रीति पवार अब फाइनल में कनाडा की स्कार्लिट डेलगाडो से भिड़ेंगी। दोनों के बीच स्वर्ण पदक का मुकाबला 1 अगस्त को खेला जाएगा।
इस साल लगातार जीत रही हैं पदक
प्रीति पवार के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इसी वर्ष एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा गोल्ड ग्रां प्री में भी गोल्ड अपने नाम किया। वर्ष 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप का खिताब भी उन्होंने जीता था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहली बड़ी पहचान वर्ष 2022 में एशियन गेम्स का कांस्य पदक जीतने के बाद मिली थी।
भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। बॉक्सिंग में भारत अब तक 10 पदक पक्के कर चुका है, जो इस प्रतियोगिता में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।











