

सूरजपुर: सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चर्चित हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों को जमानत मिलने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए सभी को ग्राम केवरा से हिरासत में ले लिया। देर रात करीब 11 बजे भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची पुलिस ने घेराबंदी कर एक-एक आरोपी को उठाया और प्रतिबंधात्मक कानूनी कार्रवाई के बाद सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
आरोपियों की जमानत की खबर सामने आते ही क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ गया था। मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हुआ और कानून-व्यवस्था व पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठने लगे।
इसी बीच प्रतापपुर पुलिस ने देर रात ग्राम केवरा में दबिश देकर सभी 10 आरोपियों को पुनः हिरासत में लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हत्याकांड फिर चर्चा का विषय बन गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि ग्राम गोंदा निवासी हरिनंदन राजवाड़े को कथित तौर पर घर से ग्राम केवरा के अटल चौक ले जाया गया था। आरोप है कि वहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल हरिनंदन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे प्रतापपुर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। इस मामले में प्रतापपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 211/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आरोपियों को जमानत मिलने की सूचना से लोगों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए निष्पक्ष न्याय की मांग की। रूप पुलिस की देर रात हुई कार्रवाई में जिन आरोपियों को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया, उनमें भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सकल प्रसाद राजवाड़े, आशुतोष राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, रज्य गुप्ता, शिवम कुमार राजवाड़े, मनोज कुमार राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, ललित कुमार राजवाड़े और राजू राजवाड़े, सभी निवासी ग्राम केवरा, थाना प्रतापपुर, जिला सूरजपुर शामिल हैं।
मृतक के परिजनों ने एक बार फिर निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई है। वहीं पुलिस की इस ताजा कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले पर लोगों की नजर आगामी न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस विवेचना पर टिकी हुई है। अंतिम निर्णय न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर करेगा।











