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बलरामपुर/राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर पतरातू डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया गुरु पूर्णिमा। लगभग 3000 ई. पहले आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्म हुआ था। कहा जाता है कि इसी दिन वेद व्यास ने भागवत पुराण का भी ज्ञान दिया था। यही कारण है कि हर साल आषाढ़ माह के पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण तथा छात्र प्रतिनिधियों ने महर्षि वेदव्यास की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। बच्चों में कक्षा 8वीं से परी गुप्ता और कक्षा-7वीं से रूपाली प्रजापति ने क्रमशः गुरु की महत्ता पर भाषण दिया। जहाँ विद्यालय की शिक्षिका रजनी सिंह ने गुरु को समर्पित संस्कृत में श्लोक का पाठ किया, वहीं शिक्षक मनव्वर अशरफ़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदिकाल से ही समाज में गुरु का स्थान सर्वोपरि रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि एक शिक्षक ही हमें इल्म की रौशनी का हक़दार बनाता है, हमारा सच्चा और अच्छा मार्गदर्शन करता है, हमारे अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारता है, और हमारे व्यक्तिव निर्माण में सहायक सिद्ध होता है। विद्यालय के प्राचार्य आशुतोष झा ने अपने उद्बोधन में बच्चों के प्रति कृतज्ञता ज़ाहिर करते हुए उन्हें हमेशा सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दिए तथा गुरु-शिष्य के महत्त्व पर सारगर्भित प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु-शिष्य का संबंध उतना ही प्राचीन है, जितना धरती पर मानव की सभ्यता व संस्कृति।

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