

सूरजपुर: सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में एक युवक के कथित अपहरण, बेरहमी से मारपीट और इलाज के दौरान मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने हत्या के आरोप में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, लेकिन सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर जमानत मिलने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोंदा निवासी हरिनंदन राजवाड़े गांव के ही एक परिचित के घर बैठे हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान केवरा गांव के कुछ युवक वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपित युवक हरिनंदन को जबरन अपने साथ ले गए। आरोप है कि रास्ते भर उनकी लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद करीब पांच से छह किलोमीटर दूर भैंसामुंडा के सत्तीपारा चौक के पास गंभीर हालत में छोड़कर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने घायल हरिनंदन को तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल है।
इस मामले में उस महिला ने भी प्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके घर से हरिनंदन को कथित रूप से जबरन ले जाया गया था। शिकायत में कहा गया कि कुछ युवक घर पहुंचे, मारपीट की और हरिनंदन को बलपूर्वक अपने साथ ले गए। महिला और अन्य लोगों ने पीछा भी किया, लेकिन आरोपी उन्हें सत्तीपारा चौक के पास घायल अवस्था में छोड़कर भाग निकले।पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायालय में पेश किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि सभी आरोपियों को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
हालांकि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपियों को इतने कम समय में जमानत मिलने से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। उनका आरोप है कि मामले की विवेचना और कानूनी कार्रवाई अपेक्षित गंभीरता से नहीं की गई। परिजनों ने कहा है कि वे न्याय की मांग को लेकर उच्च न्यायालय सहित अन्य सक्षम न्यायिक मंचों का दरवाजा खटखटाएंगे।
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की विवेचना, अभियोजन की प्रक्रिया और न्यायालय में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है। वहीं परिजन दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।











