

सूरजपुर: सूरजपुर जिले के धरमपुर गांव में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले में डीएसपी राजेश जोशी समेत दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सभी का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी है।SECL के नए माइंस का ग्रामीण विरोध रहे है।बताया जा रहा है कि इसी सर्वे को लेकर कुछ दिन पहले भी SECL कर्मियों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की ओर से अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने के लिए शुक्रवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस की मौजूदगी से पहले से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया।अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के दौरान कई पुलिसकर्मी गिरकर घायल हो गए, जबकि कई जवानों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

घायल अधिकारियों में डीएसपी राजेश जोशी, नंदू रजवाड़े, सुखी चंद्र सहित 24 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। एहतियात के तौर पर धरमपुर गांव और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे और उनकी आपत्तियों पर ध्यान दिए बिना कार्रवाई की गई, जिसके चलते विवाद हिंसक रूप ले बैठा।











