

छ.ग. सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार व बलंगी छात्रावास में अनियमितता, भ्रष्टाचार एवं आदिवासी बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन किया जा रहा है। उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन सौंपकर कहा कि 18 जुलाई 2026 को
विकासखण्ड वाड्रफनगर के कोगवार छात्रावास व बलंगी छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए वह अत्यंत पीडादायक और शर्मनाक हैं। निरीक्षण में पाई गई अनियमितताएं कोगवार छात्रावास में दस्तावेजों का अभाव शासन द्वारा निर्धारित मीनू चार्ट, स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर, बच्चों की उपस्थिति पंजी एवं अन्य दस्तावेज संधारित नहीं पाए गए। तथा खाद्य सामग्री में मिलावट, बच्चों को परोसे जाने वाले चावल में कंकड पत्थर पाए गए। बच्चों के शरीर में लगाए जाने वाले तेल एक्सपायरी पाया गया। खाद्य तेल का अभाव, सब्जी बनाने के लिए खाने वाला तेल स्टॉक में उपलब्ध नहीं था। स्टॉक रूम में सडा आलू,सड़ा प्याज भी पाया गया।
छात्रावास एवं बच्चों की स्वच्छता में भारी गंदगी पाई गई
जिलाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार जिले के प्रत्येक ट्राइबल छात्रावास के अधीक्षको व अधीक्षिकाओं से अवैध "वसूली" कर जिला ट्राइबल अधिकारी एवं मंडल संयोजक को दिया जाता है। आदिवासी समाज के बच्चों के पेट का आहार लूटकर उच्च अधिकारी अपनी जेबें भर रहें हैं। यह आदिवासी बच्चों के साथ धोखा और संवैधानिक अधिकाल घोर अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कोगवार व बलंगी सहित जिले के सभी ट्राइबल छात्रावासों की वित्तीय एवं भौतिक जांच कराई जाए। दोषी छात्रावास अधीक्षक व अधीक्षिकाओं एवं जिला ट्राइबल अधिकारी तथा मंडल संयोजक के विरुद्ध कृत पाई जाती हैं तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।











