सूरजपुर:  जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत एक गांव से बाल श्रम की गंभीर शिकायत सामने आई है। टोल फ्री नंबर 1098 चाइल्डलाइन पर सूचना मिली थी कि दूसरे गांव से स्कूल छुड़वाकर बच्चों को वाहन से लाकर खेतों में रोपा लगवाया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त टीम मौके पर रवाना की गई।

इस संयुक्त कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण इकाई से मनोज जायसवाल एवं अंजनी साहू, चाइल्डलाइन से पूजा गोस्वामी, जनार्दन यादव एवं रीता सिंह, श्रम विभाग से फणीश्वर शर्मा तथा पुलिस विभाग से एएसआई हीरामन एवं आरक्षक शामिल हुए। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि चार बच्चे - दो लड़के और दो लड़कियां, जो कक्षा पांचवीं, छठवीं एवं सातवीं में अध्ययनरत हैं, बड़ों के साथ खेत में रोपा लगाने का काम कर रहे थे। इन बच्चों को प्रतिदिन 450 रुपये की मजदूरी दी जा रही थी।टीम ने पंचनामा तैयार कर तत्काल इन बच्चों को रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति, सूरजपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। श्रम विभाग द्वारा नियोक्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। मौके पर मौजूद सभी संबंधित लोगों को यह स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि बच्चों को स्कूल से वंचित कर उनसे मजदूरी न करवाई जाए।

उल्लेखनीय है कि बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम करवाना दंडनीय अपराध है। इसके साथ ही बच्चों को स्कूल से वंचित करना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन है, और खेत में किया जाने वाला यह कार्य खतरनाक श्रेणी में सम्मिलित है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास भी इस प्रकार की घटना संज्ञान में आए तो 24x7 निःशुल्क सेवा टोल फ्री नंबर 1098 चाइल्डलाइन पर तत्काल सूचना दें।

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