

अंबिकापुर: सरगुजा पुलिस ने गुम नाबालिगों की तलाश में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सफलता हासिल की है। रेलवे स्टेशन अंबिकापुर से लापता एक नाबालिग बालक को सुरक्षित बरामद कर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अंबिकापुर के सुपुर्द किया गया, जबकि दूसरे मामले में घर से लापता बताए गए नाबालिग को उसके ही घर से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को थाना गांधीनगर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि रेलवे स्टेशन अंबिकापुर से एक नाबालिग बालक को अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत शून्य पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को नाबालिग की तलाश के लिए अलर्ट किया गया। इसी दौरान ग्राम गांझाडांड के एक ग्रामीण को बालक लावारिस हालत में मिला। ग्रामीण ने बच्चे को सुरक्षित रखा और परिजनों की तलाश की। जानकारी नहीं मिलने पर वह बच्चे को चौकी रघुनाथपुर लेकर पहुंचा।
पुलिस द्वारा बालक का मिलान रेलवे स्टेशन से गुम हुए नाबालिग से कराया गया, जिसकी पहचान आरपीएफ टीम ने पुष्टि की। इसके बाद बालक को सुरक्षित आरपीएफ अंबिकापुर के सुपुर्द कर दिया गया। मामले की आगे की जांच के लिए डायरी आरपीएफ बिलासपुर भेजी गई है।
इसी बीच, दूसरे मामले में एमजी रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपने नाबालिग पुत्र के घर से लापता होने की सूचना थाना गांधीनगर में दी। पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की और बालक को उसके ही घर से सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में बालक ने बताया कि वह पढ़ाई से बचने के लिए घर में ही छिपकर बैठा हुआ था। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरपीएफ अंबिकापुर प्रभारी निरीक्षक सुनीता मिंज, चौकी प्रभारी रघुनाथपुर उपनिरीक्षक आर.एन. पटेल, प्रधान आरक्षक गणेश कदम तथा आरक्षक उमेश खुटिया की सक्रिय भूमिका रही। सरगुजा पुलिस ने कहा कि गुमशुदा नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता है।











