

बलरामपुर। मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सामरीपाठ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए झारखंड से दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा। दोनों आरोपी मवेशी तस्करी के मामले में दर्ज अपराध के बाद से फरार चल रहे थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।
जानकारी के अनुसार 11/12 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुसमी की ओर से एक सफेद रंग के पिकअप वाहन में मवेशियों की तस्करी की जा रही है तथा एक आर्टिगा कार एस्कॉर्ट के रूप में आगे-आगे चल रही है। सूचना पर थाना सामरीपाठ पुलिस ने ग्राम केरापाठ मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस को देखकर आर्टिगा कार चालक वाहन मोड़कर फरार होने लगा। उसके पीछे आ रहा मवेशियों से भरा पिकअप वाहन भी सड़क किनारे छोड़कर चालक जंगल की ओर भाग निकला। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें 5 भैंस एवं 1 रास पाड़ी को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया। पुलिस ने सभी मवेशियों को सुरक्षित कब्जे में लेकर दोनों वाहनों को जब्त किया।
इस मामले में थाना सामरीपाठ में अपराध क्रमांक 27/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ) तथा मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181, 146/196 एवं 56/192 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि फरार आरोपी झारखंड के गढ़वा जिले के बरगढ़ थाना क्षेत्र में छिपे हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीम ने सोमवार को वहां दबिश देकर दोनों आरोपियों अलीराजा अंसारी, पिता हसालत अंसारी, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 09, सोनपुरवा, पोस्ट रंकराज, थाना रंका, जिला गढ़वा (झारखंड) तथा शफी आलम, पिता मो. मोबारक अंसारी, उम्र 28 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 03, ग्राम खपरो, पोस्ट रंकराज, थाना रंका, जिला रंका, गढ़वा (झारखंड) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक मसीह तिर्की, कल्याण सिंह, आरक्षक अजय कुमार,अनिल कुमार साहू का सराहनीय योगदान रहा।










