गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले के गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान युवक की गोली लगने से हुई मौत का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए मृतक का बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया और परिजनों को भी जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार से सूचना मिली थी कि दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देश पर एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू की गई। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने पेट दर्द और खून की उल्टी से मौत की बात कही, लेकिन कमरे में खून के धब्बे मिलने से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा।मर्ग जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने गहन विवेचना की। 17 जुलाई को मृतक के बड़े भाई पवन सिंह ने पुलिस को बताया कि 27 जून की रात गांव के कुछ लोग जंगल में अवैध शिकार करने गए थे। इसी दौरान रामायण कुशराम ने भरमार बंदूक से फायर किया, जिसकी तीन गोलियां सरवन सिंह के सीने में लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद सभी आरोपी मृतक के भाई और पिता को जंगल में बुलाकर हाथ जोड़कर मामला छिपाने की गुहार लगाने लगे। जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपियों ने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी। डर के कारण परिजनों ने घटना छिपाई और अगले दिन सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका।जांच में खुलासा होने के बाद पुलिस ने हत्या, साक्ष्य छिपाने, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक भरमार बंदूक, एक एयर गन और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

इस पूरे मामले के खुलासे में डीएसपी सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे, एफएसएल टीम, साइबर सेल तथा गौरेला थाना और चौकी सिवनी के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!